Sinopse
इस प्यारी तुकबंदी वाली कहानी में एक छोटा बच्चा हर साल अपनी दादी के साथ बिताए गए क्रिसमस को याद करता है। वे दोनों मिलकर क्रिसमस ट्री के लिए सजावट बनाते हैं, गरम चॉकलेट पीते हैं और देर रात तक अंगीठी के पास बैठकर बातें करते हैं। दादी और पोते की ये मीठी यादें उसके दिल में हमेशा बस जाती हैं। जब विदा लेने का समय आता है और दादी की आँखें नम हो जाती हैं, तब छोटा बच्चा उन्हें प्यार से कहता है कि वही उसके क्रिसमस की सबसे खास खुशी हैं। “जब भी बर्फ की पहली फुहार मेरे चेहरे को छूती है, मैं चाहे कहीं भी रहूँ, मेरा मन दादी के घर पहुँच जाता है। क्योंकि मेरे लिए दादी के घर का क्रिसमस ही असली क्रिसमस है — और हमेशा रहेगा।”